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देश की खबरें | न्यायाधीश के आवास से नकदी बरामदगी मामले में प्राथमिकी के लिए तत्काल सुनवाई से न्यायालय का इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से कथित तौर पर अधजली नकदी मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

देश की खबरें | न्यायाधीश के आवास से नकदी बरामदगी मामले में प्राथमिकी के लिए तत्काल सुनवाई से न्यायालय का इनकार

नयी दिल्ली, 26 मार्च उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से कथित तौर पर अधजली नकदी मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्परा ने प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ से आग्रह किया कि याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए, क्योंकि यह व्यापक जनहित से संबंधित है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि याचिका को सुनवई के लिए रजिस्ट्री द्वारा सूचीबद्ध किया जाएगा।

वकील ने कहा कि शीर्ष अदालत ने "सराहनीय काम" किया है, लेकिन प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जरूरत है।

इस पर न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, "सार्वजनिक बयानबाजी न करें।" प्रधान न्यायाधीश ने मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मौखिक उल्लेख पर प्रतिबंध लगा रखा है।

मामले में एक महिला और सह-याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर ऐसा मामला किसी आम नागरिक के खिलाफ होता तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी कई जांच एजेंसियां ​​उस व्यक्ति के पीछे लग जातीं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "अब बहुत हो गया। याचिका पर सुनवाई नियमानुसार होगी।"

नेदुम्परा और तीन अन्य ने रविवार को एक याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि पुलिस को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।

दिल्ली पुलिस की एक टीम ने कथित तौर पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त आंतरिक समिति के निर्देश पर बुधवार को नई दिल्ली क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नेतृत्व में न्यायमूर्ति वर्मा के आवास का दौरा किया।

डीसीपी और अन्य लोग दोपहर करीब 1.50 बजे वर्मा के घर गए और दो घंटे बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित किए बिना वहां से चले गए।

यह भी माना जाता है कि दिल्ली पुलिस की टीम ने उस जगह का निरीक्षण किया जहां आग लगी थी।

सूत्रों ने कहा कि कुछ अधिकारी जांच के सिलसिले में दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के कार्यालय भी गए।

डीएफएस ने शुरू में कहा था कि 14 मार्च को आग लगने की घटना के दौरान अग्निशमन कर्मियों को न्यायमूर्ति वर्मा के आवास से कोई नकदी नहीं मिली थी।

याचिका में के. वीरस्वामी मामले में 1991 के फैसले को भी चुनौती दी गई है, जिसमें शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि भारत के प्रधान न्यायाधीश की पूर्व अनुमति के बिना उच्च न्यायालय या शीर्ष अदालत के किसी न्यायाधीश के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।

न्यायमूर्ति वर्मा के लुटियंस इलाके में स्थित आवास में 14 मार्च को रात करीब 11:35 बजे आग लगने के बाद कथित तौर पर अधजली नकदी बरामद हुई थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 26, 2025 10:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).