देश की खबरें | अदालत ने एमसीडी से कहा, सभी संवर्गों को वेतन के बराबर वितरण के लिए योजना तैयार करे
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को यहां के नगर निगमों से कहा कि उनके पास उपलब्ध धन को देखते हुये कर्मचारियों के संवर्गों को एक दूसरे पर तरजीह दिये बिना उन्हें समानता के आधार पर वेतन भुगतान करने की योजना तैयार करें ।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली एवं न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने शहर के तीनों नगर निगमों से कहा कि कम कोष होने पर उन्हें अपने कर्मचारियों के सभी संवर्गों के बीच फंड के बराबर वितरण के लिए उनके पास एक नीति होनी चाहिए ।

यह भी पढ़े | Ravishankar Prasad on Suspended Members: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले-अगर मार्शल नहीं आते तो उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पर हो सकता था हमला.

एमसीडी कर्मचारियों की तरफ दायर विभिन्न याचिकाओं पर पीठ सुनवाई कर रही थी । इसमें शिक्षक और नर्स आदि शामिल हैं जिन्होंने दावा किया है कि कई महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है ।

तीनों निगमों के पेंशनधारकों ने भी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और दावा किया है कि इस साल फरवरी से उन्हें पेंशन नहीं मिला है ।

यह भी पढ़े | Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में कुत्ते को लेकर झड़प, गुस्साए शख्स ने बुजुर्ग को मारी गोली.

सुनवाई के दौरान निगमों ने कहा कि उन्होंने कुछ संवर्गों के कर्मचारियों को वेतन भुगतान किया है लेकिन कोष की कमी के कारण सबको भुगतान करने में असमर्थ हैं ।

निगमों ने अदालत में यह भी बताया कि कर्मचारियों को वेतन भुगतान के लिये आवश्यक धन राशि दिल्ली सरकार ने उन्हें जारी ​नहीं किया है ।

नगर निगमों की इस दलील का अदालत में दिल्ली सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता सत्यकाम ने विरोध किया । उन्होंने दलील दी कि कोविड—19 महामारी के कारण कर संग्रह में 57 फीसदी की गिरावट आयी है, और इसलिये कर संग्रह का जो हिस्सा निगमों को जाता है उसमें भी कटौती हुयी है ।

सत्यकाम ने अदालत को यह भी बताया कि दिल्ली सरकार को जीएसटी संग्रह का हिस्सा केंद्र से नहीं मिला है, इसलिये निगमों के कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर केंद्र को भी पार्टी बनाया जाना चाहिये ।

अदालत ने इसके बाद इस मामले में केंद्र सरकार को भी पार्टी बनाया और मामले की सुनवाई के लिये पांच नवंबर की तारीख मुकर्रर की ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)