नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग से कहा कि वह भाजपा विधायक राजेंद्र शुक्ला को अयोग्य ठहराने संबंधी कांग्रेस उम्मीदवार अभय मिश्रा की शिकायत पर शीघ्र फैसला करे।
भाजपा विधायक राजेंद्र शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव के प्रचार में अनुमति से ज्यादा खर्च किया और व्यय का सही आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने चुनाव आयोग के वकील का बयान दर्ज किया कि आयोग इस साल जनवरी में दर्ज की गयी शिकायत पर जल्दी निर्णय करेगा।
अदालत ने चुनाव आयोग से कहा कि वह याचिकाकर्ता (मिश्रा) की शिकायत का कानून के अनुसार शीघ्रता से निपटारा करे।
मध्य प्रदेश में 2018 के विधान सभा चुनाव में भाजपा के राजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के अभय मिश्रा को हराकर जीत हासिल की थी।
मिश्रा की ओर से पेश अधिवक्ता वरुण के चोपड़ा ने दलील दी कि जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 10 ए के तहत चुनाव आयोग विशिष्ट निकाय है जो किसी उम्मीदवार द्वारा खर्च का सही आंकड़ा पेश नहीं करने पर अयोग्य ठहराए जाने के मामलों में फैसला कर सकता है।
उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को मिश्रा द्वारा दायर शिकायत पर विचार करने में आयोग नाकाम रहा है जबकि शिकायत में जनप्रतिनिधित्व कानून के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन का खुलासा करते हुए सबूत भी दिए गए हैं।
चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील सुरूचि सूरी ने दलील दी कि मौजूदा महामारी के कारण कुछ देर हुयी है और वे जल्दी ही शिकायत पर फैसला करेंगे।
मिश्रा ने आरोप लगाया है कि शुक्ला ने अपने हलफनामे में 19.86 लाख रुपये खर्च करने का खुलासा किया था और उन्होंने वास्तविक खर्चों की सही जानकारी नहीं दी।
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