नयी दिल्ली, आठ सितंबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को रूस और भारत के बीच भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ज्वाइंट स्टॉक कंपनी रोसजियोलोजिया (रोसजियो) और खान मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के बीच एमओयू को मंजूरी दे दी है।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच धरती में गहरे और/ छिपे हुए खनिज भंडार के अन्वेषण में पारस्परिक सहयोग करना है।
इसके अलावा एमओयू के तहत खुदाई, सैंपलिंग और प्रयोगशाला विश्लेषण के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और ज्ञान का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे आंकड़ों में विश्वसनीयता आएगी और लागत को महत्तम किया जा सकेगा। साथ ही एमओयू के तहत दोनों देशों के क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी क्षमता का निर्माण किया जाएगा।
रोसजियो और जीएसआई के समृद्ध अनुभव और उनकी सहयोग की क्षमता को देखते हुए यह एमओयू भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग का एक व्यापक ढांचा प्रदान करने की दृष्टि से विशेष रूप से फायदेमंद होगा।
अजय
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