पणजी, 20 दिसंबर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिटिश शासकों ने सत्याग्रह के कारण भारत नहीं छोड़ा था, बल्कि तब छोड़ा था जब उन्होंने स्थानीय लोगों के हाथों में हथियार देखे और उन्हें एहसास हुआ कि लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बिना किसी से डरे इतिहास के बारे में सही परिप्रेक्ष्य सामने लाया जाए।
अर्लेकर ने आरोप लगाया कि भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) ने एक कहानी गढ़ी थी कि आप गुलाम बनने के लिए पैदा हुए हैं और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी इसका समर्थन किया था।
बिहार के राज्यपाल ने आनंदिता सिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'भारत के उत्तर पूर्व में स्वतंत्रता संग्राम का संक्षिप्त इतिहास (1498 से 1947)' पर यह टिप्पणी की।
गोवा के रहने वाले अर्लेकर ने कहा, ‘‘गोवा की खोज क्या है? यह असल में क्या है? अगर हम इसे सामने लाने की कोशिश करते हैं, तो गोवा में कुछ लोग परेशान हो जाते हैं। उन्हें दर्द होता है। क्या हमें यह नहीं बताना चाहिए कि आपकी जड़ें क्या हैं? कुछ लोग नाराज हो जाते हैं अगर हम उन्हें बताने की कोशिश करें कि आप कहां से हैं, आपकी जड़ें कहां हैं। ऐसा क्यों होना चाहिए? ’’
उन्होंने कहा कि हमें किसी से डरे बिना अपनी बात कहनी होगी।
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