नयी दिल्ली, 16 फरवरी भाजपा ने रविवार को दावा किया कि अमेरिकी वित्तपोषण से आयोजित भारत में ‘मतदान प्रतिशत’ पर आधारित जिस कार्यक्रम अब रद्द कर दिया गया है, वह इस बात का संकेत है कि कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने कथित तौर पर देश के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतों को भारतीय संस्थानों में घुसपैठ करने में मदद की।
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह तेजी से स्पष्ट होता जा रहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने देश के हितों के खिलाफ सक्रिय ऐसी ताकतों को भारत के संस्थानों में घुसपैठ करने में व्यवस्थित तरीके से मदद की, जो हर अवसर पर भारत को कमजोर करने की कोशिश करती हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के ‘‘ज्ञात सहयोगी’’ अरबपति अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस ही हैं, जिनकी छाया हमारी चुनावी प्रक्रिया पर मंडराती रही है।
मालवीय ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सोरोस के ‘ओपन सोसाइटी फाउंडेशन’ से जुड़े संगठन ‘इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्टोरल सिस्टम्स’ के साथ 2012 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था जो मुख्य रूप से यूएसएआईडी द्वारा वित्त पोषित है।
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए मालवीय ने कहा कि देश के निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति की ‘‘पारदर्शी और समावेशी’’ प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को पूरे निर्वाचन आयोग को ‘‘विदेशी संचालकों’’ को सौंपने में कोई हिचकिचाहट नहीं थी।
अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने सरकारी वित्तपोषण से चलने वाले कई कार्यक्रमों को रद्द करने की घोषणा की है। इन कार्यक्रमों में 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के खर्च वाला ‘मतदान प्रतिशत’ संबंधी कार्यक्रम भी शामिल है।
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