कोलकाता, 10 जून पश्चिम बंगाल विधानसभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें देश की पश्चिमी सीमा पर आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य की सराहना की गई।
हालांकि, पहलगाम आतंकी हमले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी के बाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में हंगामे की स्थिति देखने को मिली।
प्रस्ताव में सशस्त्र बलों की ‘‘राष्ट्र की सुरक्षा में उनके अटूट साहस’’ के लिए सराहना की गई तथा इसे बिना किसी विरोध के पारित कर दिया गया।
दिलचस्प बात यह है कि प्रस्ताव के पाठ में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शब्द का कोई उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन सात मई को पाकिस्तान के कुछ हिस्सों और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में किए गए सटीक हमलों के बारे में बात की गई।
हालांकि, कार्यवाही उस समय बाधित हुई जब बनर्जी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि खुफिया तथा सुरक्षा चूक के कारण पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 26 लोगों की जान चली गई।
बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘यह नृशंस हमला हमारे नागरिकों की सुरक्षा करने में केंद्र की विफलता को उजागर करता है। हमारे जवानों ने अत्यंत वीरता दिखाई। केंद्र बार-बार हो रही सुरक्षा चूक के बारे में क्या कर रहा है?’’
इस पर विपक्षी सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने नारेबाजी की और कहा कि बनर्जी राष्ट्रीय त्रासदी का राजनीतिकरण कर रही हैं।
इसके बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को हस्तक्षेप करना पड़ा। व्यवस्था बहाल होने पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
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