विदेश की खबरें | पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नयी वीजा मुक्त नीति के तहत थाईलैंड ने चीनी सैलानियों का स्वागत किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अधिकारियों का कहना है कि इस नीति से पर्यटन उद्योग में नयी जान आ जाएगी।

थाईलैंड के पर्यटन मंत्री एवं अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों ने शंघाई से आए करीब 300 पर्यटकों का स्वागत किया और प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन ने उन्हें उपहार दिए तथा उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। हैरान पर्यटकों का सुवर्णभूमि हवाई अड्डे के भीतर थाई पारंपरिक नर्तकों एवं ढोलवादकों ने स्वागत किया।

श्रेथा ने पर्यटकों से कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि इस नीति से अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।’’

उन्होंने कहा कि सरकार थाईलैंड के छोटे शहरों को चीनी पर्यटकों के लिए पसंदीदा पर्यटक स्थल के रूप में बढ़ावा देने की योजना बना रही है ताकि उन्हें लंबे समय तक रहने और अधिक खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

पर्यटकों के बीच सुरक्षा चिंताओं का उल्लेख करते हुए श्रेथा ने कहा कि यह अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

थाईलैंड में धोखाधड़ी और अपहरण के बारे में चीनी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से खबर और अफवाहें प्रसारित हो रही हैं।

शंघाई के एक पर्यटक दाई ने कहा कि वह हवाई अड्डे पर “बहुत जीवंत” स्वागत समारोह से प्रभावित हुआ, हालांकि उसने कहा कि जिस आव्रजन अधिकारी ने उसके पासपोर्ट की जांच की, उसे अस्थायी वीजा छूट नीति के बारे में तुरंत पता नहीं था।

वीजा छूट मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान के पर्यटकों पर भी लागू है जो 29 फरवरी तक प्रभावी रहेगी।

पर्यटन मंत्री सुदावन वांगसुफाकिजकोसोल ने कहा कि नीति की घोषणा के बाद से आवास और उड़ान बुकिंग में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एक दशक से भी अधिक समय पूर्व से थाईलैंड आने वाले पर्यटकों के मामले में चीन एक प्रमुख स्रोत बन गया है। महामारी के कारण पर्यटन उद्योग के तबाह होने से पहले 2019 में लगभग 1.1 करोड़ आगंतुकों के साथ उस वर्ष कुल पर्यटकों में से 27.6 प्रतिशत हिस्सा चीनी सैलानियों का था।

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