थाईलैंड के उत्तर पूर्वी शहर उथाई सवन के प्रशासन के प्रमुख डनाइचोक बूनसोम ने संवाददाताओं को बताया कि सरकारी परिसर में अनधिकृत प्रवेश के आरोप संबंधी घटना पर उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और अब पुलिस जांच कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘कानूनी प्रक्रिया को अपने ढंग से काम करने दीजिए। मैं सभी ब्योरे का खुलासा नहीं करना चाहता। पुलिस को अपनी जांच करने दीजिए।’’
अधिकारियों ने इस घटना का संज्ञान उस वक्त लिया, जब एक थाई रिपोर्टर ने घटनास्थल से बाहर निकल रहे सीएनएन दल के दो सदस्यों की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इसमें देखा जा सकता है कि उनमें से एक इस परिसर की दीवार पर चढ़ रहा है जबकि दूसरा बाहर खड़ा है।
सीएनएन ने एक ट्वीट में कहा कि जब घटनास्थल से पुलिस का घेरा हटा दिया गया था और यह बताया गया था कि जनस्वास्थ्य अधिकारी इस भवन से जा रहे हैं एवं वे अंदर शूट कर सकते हैं, तब उसका दल अंदर गया था।
सीएनन ने ट्वीट में कहा, ‘‘ दल ने करीब 15 मिनट तक उस केंद्र के अंदर वीडियो बनाई और फिर वहां से चला गया।’’
उसने कहा, ‘‘ उस समय , घेराबंदी फिर से कर दी गई थी, इसलिए दल को वहां से निकलने के लिए दीवार पर चढ़ना पड़ा।
इस ट्वीट से पहले फॉरेन कोरेसपोंडेंट्स क्लब ऑफ थाइलैंड (एफसीसीटी) ने कहा था कि वह सीएनएन की कवरेज तथा अपराध स्थल का अंदर से शूट करने के निर्णय से अप्रसन्न है।
एफसीसीटी ने कहा, ‘‘ यह गैर पेशेवर तथा अपराध की रिपोर्टिंग में पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों का उल्लंघन है।’’
थाई जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने इसे ‘अनैतिक एवं असंवेदनशील’ करार दिया।
बाद में, एक बयान में सीएनन के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक माइक मैककार्थी ने कहा कि उनके रिपोर्टर ने भवन में प्रवेश की अनुमति मांगी थी लेकिन दल को अब यह प्रतीत हो रहा कि ये अधिकारी उन्हें अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं थे।
उन्होंने कहा कि ‘नियमों का उल्लंघन करने का कभी इरादा नहीं था।’’ उन्होंने कहा कि सीएनएन ने इस खबर का प्रसारण रोक दिया है ओर उसने इस वीडियो को अपनी वेबसाइट से हटा लिया है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ हमारी रिपोर्ट से यदि कोई परेशानी या अपराध हुआ या देश के लिए ऐसी मुश्किल घड़ी में पुलिस के लिए असुविधा हुई हो तो हमें उसका गहरा खेद है।’’
देश के उपपुलिस प्रमुख सुराचाते हाकपार्न ने कहा कि दोनों पत्रकार पर्यटक वीजा पर थाइलैंड आये थे, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश से वापस भेजे जाने से पूर्व उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को हुए हमले में 36 लोग मारे गये थे जिनमें 24 बच्चे थे। हमलावार एक पूर्व पुलिसकर्मी था जिसे इस साल के प्रारंभ में मादक पदार्थ के आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया था।
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