देश की खबरें | महिलाओं के परिधान पर तेलंगाना के गृह मंत्री के बयान की विपक्षी दलों ने आलोचना की

हैदराबाद, 18 जून महिलाओं के पहनावे को लेकर तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली की टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है और राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा ने उनकी आलोचना की है।

शहर के एक कॉलेज द्वारा इंटरमीडिएट की पूरक परीक्षा देने वाली कुछ छात्राओं से 16 जून को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले बुर्का उतारने के लिए कहा गया। मीडिया में आई इन खबरों के बारे में पूछे जाने पर अली ने शनिवार को कहा कि उनके पहनावे पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना को लेकर कार्रवाई की जाएगी। अली ने कहा, ‘‘हो सकता है कि हेडमास्टर या प्रिंसिपल...किसी ने गलती की हो। लेकिन हमारी नीति धर्मनिरपेक्ष है। लोग जो भी पोशाक पहनना चाहते हैं, पहन सकते हैं।’’

अली ने कहा, ‘‘लेकिन अगर वे यूरोपीय शैली की तरह कपड़े पहनते हैं, तो यह सही नहीं हो सकता है। खास तौर से, औरतों के कम कपड़े पहनने से परेशानी होती है। ज्यादा कपड़ा पहनने से लोगों को सुकून होता है।’’

अली की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद बंदी संजय कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘अब तेलंगाना सरकार यह तय करना चाहती है कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए? राज्य के गृह मंत्री इस पर भाषण देते हैं कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, जब बलात्कार होते हैं, हत्याएं होती हैं तो वह मुंह क्यों छिपा लेते हैं।’’

कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने ट्वीट किया, ‘‘तेलंगाना कांग्रेस महिलाओं के परिधान को लेकर राज्य के गृह मंत्री के इस बयान की निंदा करती है कि वे ज्यादा कपड़े पहनेंगी तो लोगों को सुकून मिलेगा। यह टिप्पणी महिला विरोधी है...बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) किस तरह की सरकार चला रही है।’’

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