हैदराबाद, 28 जून तेलंगाना सरकार ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की जन्मशती के उपलक्ष्य पर सालभर चलने वाले समारोह की शुरुआत की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नरसिम्हा राव को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समकक्ष रखते हुये दिवंगत नेता को ‘‘भारत रत्न’’ प्रदान करने की मांग की।
नरसिम्हा राव का जन्म 28 जून, 1921 को करीमनगर के वानगरा में हुआ था। 23 दिसंबर, 2004 को उनका निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री ने उनकी 99वीं जयंती के अवसर पर यहां स्थित उनकी समाधि ‘‘पीवी ज्ञान भूमि’’ पर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि वह ‘‘तेलंगाना के गौरवशाली पुत्र’’ थे। उन्होंने देश में साहसिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने सहित उनके योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि नरसिम्हा राव को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने उनकी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में मनाये जाने वाले समारोह की शुरुआत करते हुये उनकी स्मृति में कई कार्यक्रमों की घोषणा की।
चंद्रशेखर राव ने कहा कि कांग्रेस के दिवंगत नेता को मरणोपरांत देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 1991-96 के अपने कार्यकाल के दौरान नाजुक दौर में देश का नेतृत्व किया और कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए।
पीवी ज्ञान भूमि पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और उन्हें भारत रत्न देने की मांग करेंगे।
कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्रियों, विपक्षी नेताओं और नरसिम्हा राव के परिवार के सदस्यों ने भाग लिया।
चंद्रशेखर राव ने हाल ही में घोषणा की थी कि साल भर तक चलने वाले जन्मशती वर्ष के कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा और राज्य मंत्रिमंडल और विधानमंडल पूर्व प्रधानमंत्री के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मांग वाले प्रस्तावों को पारित करेगा।
नेहरू और नरसिम्हा राव के बीच तुलना करते हुए, उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा, ‘‘जवाहरलाल नेहरू जिन्होंने देश में सबसे पहले योजना (विकास के लिए) शुरू की थी, जो आधुनिक भारत के वास्तुकारों में से थे, जबकि वह पीवी नरसिम्हा राव ही थे, जिन्होंने आर्थिक सुधारों की शुरुआत की... एक वैश्विक भारत का निर्माण किया। इसमें कोई शक नहीं है। पीवी का व्यक्तित्व भी नेहरू के कद के बराबर था।’’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।
कृष्ण
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