देश की खबरें | तेजपाल यौन हिंसा मामला: गवाहों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ क्यों नहीं हो सकती, न्यायालय का सवाल
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच अक्टूर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को जानना चाहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जब देश भर में मुकदमों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रही है तो ‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल के खिलाफ 2013 के यौन हिंसा के मामले में गवाहों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ क्यों नहीं हो सकती।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने गोवा सरकार के आवेदन पर सुनवाई के दौरान जानना चाहा, ‘‘जब पूरे देश में आभासी प्रक्रिया के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई हो रही है तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले में गवाहों से पूछताछ क्यों नहीं हो सकती?’’

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गोवा सरकार ने इस मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध करते हुए यह आवेदन दायर किया है।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल अगस्त में गोवा की निचली अदालत से कहा था कि इस मुकदमे की सुनवाई यथासंभव छह महीने के भीतर पूरी की जाए।

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मामले में तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट के अंदर अपनी एक पूर्व महिला सहयोगी के साथ यौन हिंसा की थी। हालांकि तेजपाल ने इन आरोपों से इनकार किया है।

तेजपाल की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद पुलिस की अपराध शाखा ने उन्हें 30 नवंबर, 2013 को गिरफ्तार किया था। मई 2014 से वह जमानत पर हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस मामले की सुनवाई के दौरान सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि राज्य सरकार ने मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के समय में विस्तार के लिए यह आवेदन दाखिल किया है।

मेहता ने कहा कि शिकायतकर्ता फेफड़े के संक्रमण से पीड़ित है और इसलिए सुनवाई पूरी करने के लिए समय बढ़ाया जाए।

तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वह इसका विरोध कर रहे हैं और इसपर जवाब दाखिल करेंगे।

पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘अदालत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाह से पूछताछ क्यों नहीं कर सकती।’’

साथ ही उसने कहा कि समय बढ़ाना ही होगा।

सिब्बल ने कहा, ‘‘हमें इसका जवाब देना होगा। वे सुनवाई पूरी करने के लिए एक साल का समय और चाहते हैं। मुझे गवाह से पूछताछ को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं।’’

उन्होंने कहा कि तेजपाल इस गवाह से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूछताछ के पक्ष में नहीं हैं।

पीठ ने तेजपाल को इस आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का वक्त देते हुए मामले को 15 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

गोवा में मापूसा शहर की अदालत ने इस मामले में तेजपाल के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न सहित भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में अभियोग निर्धारित किया है।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल इस मामले में तेजपाल के खिलाफ निर्धारित अभियोग निरस्त करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

अनूप

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