देश की खबरें | असम में दो वर्षों में किशोरावस्था में गर्भधारण के मामलों में 64 प्रतिशत की कमी आई: हिमंत

गुवाहाटी, 19 जुलाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को दावा किया कि बाल विवाह के खिलाफ सरकार के अभियान के परिणामस्वरूप पिछले दो वर्ष में राज्य में किशोरावस्था में गर्भधारण के मामलों में लगभग 64 प्रतिशत की कमी आई है।

शर्मा ने कहा कि यह प्रवृत्ति एक राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा हाल में किए गए आकलन में देखी गई, जिसने बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानूनों की उपयोगिता पर असम के 3,000 गांवों का सर्वेक्षण किया था।

शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बाल विवाह के खिलाफ हमारा अभियान न केवल सामाजिक परिवर्तन ला रहा है, बल्कि हमारी लड़कियों के लिए स्वस्थ जीवन भी सुनिश्चित कर रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अप्रैल 2022 में असम में किशोरावस्था में गर्भधारण के मामलों की संख्या 9,330 थी, जो जून 2024 में घटकर 3,401 हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मिशन आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।’’

शर्मा ने बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह आंकड़ा एक गैर सरकारी संगठन द्वारा उपलब्ध कराया गया है, जिसने स्वतंत्र तौर पर सर्वेक्षण किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘एक बड़े राष्ट्रीय एनजीओ ने असम के 3,000 गांवों में बाल विवाह की स्थिति की पड़ताल की। देश में इस बात पर बड़ी बहस चल रही है कि क्या सख्त कानून के जरिए बाल विवाह पर लगाम लगाई जा सकती है या इसका उल्टा असर होगा।’’

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