नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को बसाए जाने की निगरानी के लिए नौ सदस्यीय कार्यबल का गठन किया है।
पिछले महीने अपने मासिक रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कार्यबल तय करेगा कि लोग राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को कब देख सकते हैं।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) “चीता कार्य बल” के कामकाज को सुविधाजनक बनाएगा और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
दो साल की अवधि के लिए गठित कार्यबल नियमित रूप से चीतों के क्षेत्र का दौरा करने के लिए एक उपसमिति बना सकता है।
इसके सदस्यों में मध्य प्रदेश के वन एवं वन्यजीव विभाग के पांच वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिनमें एनटीसीए के महानिरीक्षक अमित मलिक और भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक विष्णु प्रिया शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के पहले समूह को 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा था।
वर्ष 1952 में भारत में चीतों को विलुप्त घोषित किए जाने के 70 साल बाद देश में इनकी वापसी हुई है।
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