चेन्नई, नौ अगस्त तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को कहा कि वह सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 200 से अधिक छात्रों के शैक्षिक खर्चों को वहन करेगी, जो संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) जैसी परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने के लिये तैयार हैं।
शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन ने उत्तीर्ण छात्रों को लैपटॉप और प्रमाण पत्र प्रदान किये।
कृष्णागिरी और धर्मपुरी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली एक छात्रा जयश्री ने कहा कि उसे ताइवान के कुन शान विश्वविद्यालय में एक इंजीनियरिंग कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है।
छात्रा ने कहा कि उन्होंने गरीब पृष्ठभूमि वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिये 'नान मुदलवन' ('मैं पहली हूं,' एक व्यापक योजना जिसमें कोचिंग, कौशल विकास और रोजगार सुविधा भी शामिल है) जैसी योजनाओं को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
जयश्री ने 'नान मुदलवन' योजना के तहत ही प्रशिक्षण लिया है।
राज्य सरकार ने 2022-23 के बजट में घोषणा की थी कि वह आईआईटी, भारतीय विज्ञान संस्थान और एम्स सहित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में स्नातक शिक्षा हासिल करने के लिए सरकारी स्कूल के छात्रों के शैक्षिक खर्च को वहन करेगी। अर्हता प्राप्त करने के लिए, छात्रों को छठी कक्षा से बारहवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में अध्ययन करना अनिवार्य है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, "राज्य सरकार, सरकारी स्कूलों के लगभग उन 225 छात्रों का पूरा शैक्षिक खर्च वहन करेगी जिन्होंने जेईई, सीयूईटी और नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर जैसी प्रवेश परीक्षाएं पास की हैं।"
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