चेन्नई, 20 जुलाई वैगई के मैदान में छठी शताब्दी ईसा पूर्व में रहने वाले प्राचीन तमिल वासियों की जीवनशैली से जुड़ी वस्तुओं को तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के कोंथागाई गांव में एक संग्रहालय में सहेजा जाएगा।
सोमवार को मुख्यमंत्री के पलानिस्वामी ने यहां स्थित राज्य सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये कोंथागाई गांव में संग्रहालय की आधारशिला रखी।
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इस संग्रहालय में कीलाडी में खुदाई में मिले प्राचीन अवशेषों को रखा जाएगा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि 0.81 हेक्टेयर भूमि पर 12.21 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय संग्रहालय बनाया जाएगा और लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्य किया जाएगा।
निकटवर्ती कीलाडी में खुदाई के छह चरणों के दौरान निकले कई हजार अवशेषों को संग्रहालय में रखा जाएगा।
राज्य पुरातत्व विभाग के अनुसार भारत में सिंधु नदी सभ्यता के बाद दूसरी शहरी बसावट कीलाडी में हुई थी।
तमिलनाडु पुरातत्व विभाग के अनुसार कीलाडी में खुदाई के दौरान निकले सांस्कृतिक महत्व के अवशेष छठी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर पहली शताब्दी के बीच के हो सकते हैं।
कीलाडी में हुई खुदाई से पता चला है कि वह सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक है जो ढाई हजार साल से भी अधिक पुरानी हो सकती है।
खुदाई स्थल से अब तक 14,000 से अधिक अवशेष मिल चुके हैं।
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