कन्याकुमारी (तमिलनाडु), एक मार्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि तमिलनाडु को एवं संस्कृति विरोधी ताकतों और ‘‘एक संस्कृति, एक राष्ट्र और एक इतिहास’’ की अवधारणा पेश करने वालों को दूर रखने में भारत को राह दिखानी चाहिए।
लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने राज्य के अपने तीन दिवसीय दौरे में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। तमिलनाडु में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होना है जिसमें गांधी की पार्टी कांग्रेस एम के स्टालिन नीत पार्टी द्रमुक के साथ मिलकर उतर रही है।
गांधी ने कहा कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार करना हो तो वह पूछेंगे कि ‘‘आप इसको लेकर आश्वस्त क्यों हैं कि सभी उत्तर आपसे आने चाहिए।’’
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) जिसका तमिलनाडु के राजनीतिक दलों द्वारा दृढ़ता से विरोध किया गया, एक ‘‘बड़ा मुद्दा’ है और छात्रों के लिए ‘‘लाभकारी नहीं।’’
वायनाड से सांसद गांधी ने तब अपनी फिटनेस का प्रदर्शन किया जब उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत के दौरान ‘पुशअप’ लगाये। इस दौरान उन्होंने एक हाथ से भी ‘पुशअप’ किये। इस दौरान कांग्रेस नेता दिनेश गुंडु राव और के एस अलागिरि भी गांधी के साथ थे।
नागरकोइल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि इतिहास ने दिखाया है कि तमिलनाडु में तमिलों के अलावा कोई और सत्ता में नहीं आ सकता।
गांधी ने कहा, ‘‘ये चुनाव भी यही चीज दिखाएंगे कि केवल वही व्यक्ति तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बन सकता है, तो वास्तव में तमिल लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे झुकने वाले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री (के पलानीस्वामी) ऐसा कभी नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री को राज्य के लोगों के आगे झुकना चाहिए।’’
गांधी ने कहा कि आरएसएस और मोदी ‘‘तमिल और संस्कृति का अपमान’’ करते हैं तथा लोगों को उन्हें यहां पैर जमाने नहीं देने चाहिए।
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