विदेश की खबरें | तालिबान ने अफगानिस्तान में ब्यूटी पार्लर पर प्रतिबंध लगाया, नहीं की संयुक्त राष्ट्र की परवाह
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

तालिबान के ‘वर्च्यू एंड वाइस मिनिस्ट्री’ मंत्रालय के प्रवक्ता सादिक आकिफ मेहजर ने यह नहीं बताया कि क्या आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले ब्यूटी पार्लर के खिलाफ बलप्रयोग किया जाएगा।

अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों व स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने की कड़ी में यह एक नया कदम है। इससे पहले उनकी शिक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर जाने और अधिकतर रोजगारों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है।

तालिबान ने कहा कि उसने ब्यूटी पार्लर पर पाबंदी लगाने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि वे ऐसी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो इस्लाम में हराम हैं। साथ ही इससे शादी के दौरान लड़के के परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इससे पहले तालिबान ने ब्यूटी पार्लर बंद करने के लिए एक महीने का समय दिया था। इस फैसले का छिटपुट विरोध हुआ, जिनमें काबुल में ब्यूटीशियन और मेकअप कलाकारों का जुटना शामिल है। सुरक्षा बलों ने इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया था और हवा में गोलियां चलाई थीं।

तालिबान के प्रतिबंध को लेकर अंतरराष्ट्रीय समूहों ने भी चिंता व्यक्ति की है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वह प्रतिबंध वापस लेने के लिए अफगानिस्तान के अधिकारियों से बात कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के सहायक मिशन (यूएनएएमए) के प्रयासों का समर्थन किया है, जिसने तालिबान के अधिकारियों से ब्यूटी पार्लर पर प्रतिबंध नहीं लगाने का अनुरोध किया है। यूएनएएमए ने कहा है कि महिलाओं के अधिकारों पर यह प्रतिबंध लगाने से अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

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