नयी दिल्ली, 10 जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पुलिस को उस नाबालिग मलेशियाई नागरिक के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अलग से आरोपपत्र दायर करने को कहा जिसके खिलाफ वीजा नियमों का उल्लंघन कर यहां तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम में शामिल होने, अवैध रूप से धर्म प्रचार करने और कोविड-19 से संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले, इस मामले में 121 अन्य आरोपियों के साथ उसके खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया गया था।
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मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने जांच अधिकारी को नाबालिग के खिलाफ 13 जुलाई तक संबंधित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अलग से आरोपपत्र दायर करने का निर्देश दिया है।
अदालत जांच अधिकारी के आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें नाबालिग के खिलाफ मामला बंद करने का अनुरोध किया गया है।
आवेदन में कहा गया है कि आरोपपत्र में अनजाने में उसके नाम का उल्लेख हो गया है। इसमें उसके खिलाफ मामला बंद करने का अनुरोध किया गया है क्योंकि वह नाबालिग है और उसे गिरफ्तार किए बिना उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया गया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ''जांच अधिकारी को निर्देश दिया जाता है वह कानून के अनुसार जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सोमवार 13 जुलाई तक संबंधित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अलग से आरोपपत्र दायर करें।''
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