विदेश की खबरें | सीरिया की जेल पर हमला आईएस कैदियों के निपटने की आवश्यकता को दर्शाता है: संयुक्त राष्ट्र

विश्व निकाय के उप महासचिव व्लादिमीर वोरोनकोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि इस्लामिक स्टेट समूह जेलें तोड़ने का आह्वान कर रहा है। और पहले भी सीरिया तथा दुनिया में अन्य जगह ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद रोधी कार्यालय के प्रमुख वोरोनकोव ने कहा कि इनमें से अधिकतर कथित रूप से आईएस से जुड़े पुरुष, महिला और बच्चे हैं, जो सीरियाई जेलों और शिविरों में बंद हैं। उनपर अपराध के आरोप तय नहीं हुए हैं, फिर भी उन्हें लंबे समय से हिरासत में रखा गया है। उनके भाग्य को लेकर अनिश्चितता है।

उन्होंने आईएस का अरबी नाम लेते हुए कहा, ''यह इस बात की भी याद दिलाता है कि दाएश खुद को सीरिया में क्यों समेटे हुए है।''

वोरोनकोव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरेस ने चेतावनी दी है कि सीरिया समेत कई जगह दाएश से खतरा बढ़ रहा है। सीरिया में आईएस आतंकी रेगिस्तान और ग्रामीण इलाकों में छिपकर काम कर रहे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिये वे इराक और सीरिया सीमा के आर-पार घूमते रहते हैं।

हाल में सीरिया के हसाकेह शहर में अल-सिना के नाम से भी जाने जानी वाली ग्वेरान जेल में हमला हुआ था, जो 2019 के बाद से इस तरह का पहला हमला था। इस जेल में आईएस से संबंधित 3,000 से अधिक लोगों के रखा गया है।

वोरोनकोव ने कहा कि यह हमला देश के पूर्वोत्तर में जेलों और शिविरों में बंद कथित रूप से चरमपंथी समूह से जुड़े लोगों से निपटने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)