नयी दिल्ली, 27 जून भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद विनय विश्वम ने कहा है कि दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के चार शिक्षकों को निलंबित किया जाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और नियमों के खिलाफ है।
उल्लेखनीय है कि कदाचार और विश्वविद्यालय की आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों पर संकाय के चार सदस्यों को निलंबित करने के लिए कार्यालय आदेश 16 जून को पारित किया गया था।
विश्वम ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर संकाय सदस्यों के निलंबन पर विरोध दर्ज कराया है।
भाकपा सांसद ने कहा कि निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और नियम एवं प्रक्रिया के विरूद्ध है।
उनका दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इस ‘अधिनायकवादी’ रुख से संस्था की छवि धूमिल हुई है।
उन्होंने कहा, "मासिक वजीफा में भारी कटौती को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एसएयू प्रशासन के खिलाफ छात्रों को भड़काने के आरोप में चार संकाय सदस्यों को निलंबित किया गया।"
उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में शिक्षण के हित में संकाय सदस्य केवल पीड़ित छात्रों और उदासीन एसएयू प्रशासन के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहे थे।
हक हक पवनेश
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