नयी दिल्ली, 25 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने जाने-माने यूट्यूबर सावुक्कु शंकर को बुधवार को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। यूट्यूबर को रिहाई के तुरंत बाद तमिलनाडु गुंडा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था।
उच्चतम न्यायालय का यह आदेश तब आया जब तमिलनाडु सरकार ने न्यायालय को बताया कि राज्य ने इस मुद्दे पर एक सलाहकार बोर्ड की राय के बाद यूट्यूबर की नजरबंदी का आदेश रद्द कर दिया है।
पीठ ने ताजा हिरासत के खिलाफ उसकी याचिका का निपटारा करते हुए अपने आदेश में कहा, ‘‘सलाहकार बोर्ड की राय पर आगे बढ़ते हुए राज्य ने आज हिरासत के आदेश को रद्द कर दिया है... उपरोक्त के मद्देनजर, हिरासत में लिए गए शंकर उर्फ सावुक्कु शंकर को तत्काल रिहा किया जाए, यदि किसी अन्य मामले में आवश्यकता नहीं हो तो।’’
शंकर (48) को कोयंबटूर पुलिस ने 30 अप्रैल को यूट्यूब चैनल ‘रेडपिक्स 24x7’ पर एक साक्षात्कार में महिला पुलिसकर्मियों और मद्रास उच्च न्यायालय के कुछ न्यायाधीशों के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में चार मई को दक्षिणी थेनी से गिरफ्तार किया था। यूट्यूबर के खिलाफ कार्यक्रम के बाद कई प्राथमिकियां दर्ज कराई गई थीं।
इन मामलों के अलावा, यूट्यूबर पर थेनी पुलिस ने ‘गांजा’ रखने के आरोप में भी मामला दर्ज किया था।
शंकर को उच्चतम न्यायालय और मद्रास उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में रिहा कर दिया गया था। हालांकि 12 अगस्त को उन्हें राज्य पुलिस ने फिर से हिरासत में ले लिया था।
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