देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने बुलडोजर को हमेशा के लिए गैराज में खड़ा कर दिया: विपक्षी नेताओं ने कहा

नयी दिल्ली, 13 नवंबर बुलडोजर कार्रवाई पर उच्चतम न्यायालय द्वारा नियमों के दायरे में लाये जाने के बाद, विपक्षी नेताओं ने बुधवार को इस फैसले की सराहना की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने ‘‘बुलडोजर को हमेशा के लिए गैराज में खड़ा कर दिया।’’

‘‘बुलडोजर न्याय’’ की तुलना अराजकता की स्थिति से करते हुए न्यायालय ने देश भर के लिए दिशानिर्देश निर्धारित किए और कहा कि कारण बताओ नोटिस दिये बिना किसी भी संपत्ति को ध्वस्त नहीं किया जाए और प्रभावितों को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों ने उम्मीद जताई कि इस फैसले से राज्य में ‘‘बुलडोजर का आतंक’’ और ‘‘जंगल राज’’ खत्म हो जाएगा।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने बुलडोजर को हमेशा के लिए गैराज में खड़ा कर दिया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बुलडोजर कार्रवाई के नाम पर गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने 20 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए कानपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''बुलडोजर कार्रवाई के नाम पर गरीबों के घर तोड़े जा रहे थे। अब उच्चतम न्यायालय ने अवैध रूप से मकान गिराने पर रोक लगा दी है।''

उन्होंने कहा कि अयोध्या में जिस तरह से बुलडोजर चलाए गए, उसी के कारण लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार हुई।

योगी सरकार के बुलडोजर कार्रवाई 'मॉडल' पर कटाक्ष करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, ''उच्चतम न्यायालय के फैसले के कारण बुलडोजर हमेशा के लिए गैराज में खड़ा हो गया है। शीर्ष अदालत ने जो कहा, उससे बड़ी टिप्पणी कोई नहीं हो सकती।''

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब निश्चित रूप से ‘‘बुलडोजर का आतंक’’ खत्म हो जाएगा।

मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय के आज के फैसले एवं इस संबंध में कड़े दिशानिर्देशों के बाद यह उम्मीद की जानी चाहिए कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्य सरकारें जनहित एवं जनकल्याण का सही एवं सुचारू रूप से प्रबंधन करेंगी और बुलडोजर का आतंक अब जरूर समाप्त होगा।’’

कांग्रेस की उप्र इकाई के प्रमुख अजय राय ने 'पीटीआई-' से कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं। उम्मीद है कि इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में जंगल राज का अंत होगा।’’

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