नयी दिल्ली, आठ जून उच्चतम न्यायालय ने शादी का कथित वादा कर एक महिला से बलात्कार करने के मामले में आरोपी चिकित्सक को बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है।
न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अवकाशकालीन पीठ ने अग्रिम जमानत देने से इनकार संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ चिकित्सक की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और कथित पीड़िता को नोटिस जारी किये।
उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सक को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘सुनवाई की अगली तारीख तक मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया जायेगा।’’
पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता, हालांकि इस अवधि के दौरान मुरादाबाद जिले में प्रवेश नहीं करेगा और शिकायतकर्ता से प्रत्यक्ष या परोक्ष, किसी भी तरह से संपर्क नहीं करेगा।’’
चिकित्सक तीर्थंकर चिकित्सा विश्वविद्यालय में एमडी का कोर्स कर रहा है, जबकि कथित पीड़िता वहां नर्सिंग शिक्षिका है।
पीड़िता ने दावा किया है कि दोनों संपर्क में आये और दोस्त बन गये। उसने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने बाद में उससे शादी करने का वादा किया और दोनों ने शारीरिक संबंध बनाये।
चिकित्सक ने उच्च न्यायालय में दावा किया था कि वह महिला से शादी करना चाहता था, लेकिन उसने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
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