विदेश की खबरें | सूडान की सेना ने प्रतिद्वंद्वी बल से बातचीत की संभावना खारिज की, आत्मसमर्पण को कहा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दोनों पक्षों के बीच मध्य खारतूम और देश के अन्य हिस्सों में संघर्ष जारी है और संघर्ष-विराम की ताजा कोशिश नाकाम होती दिख रही है।

सेना के बयान से करीब एक सप्ताह से चल रही हिंसा में नये सिरे से बढ़ोतरी की आशंका पैदा हो गयी।

देश का चिकित्सा ढांचा पतन के कगार पर है और अनेक अस्पताल बंद होने को मजबूर हो गये तो अनेक में संसाधन नहीं हैं।

बुधवार शाम को घोषित 24 घंटे का संघर्ष-विराम राजधानी खारतूम के कुछ हिस्सों में मामूली शांति ही ला सका है, लेकिन मौके का अधिकतर लोगों ने घर छोड़कर जाने के लिए फायदा उठाया जहां वे कई दिन से फंसे हुए थे।

डॉक्टर्स सिंडीकेट की सचिव आतिया अब्दुल्ला आतिया ने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जा रहे हैं जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।’’

संघर्ष-विराम समाप्त होने से कुछ घंटे पहले सेना ने एक बयान में कहा कि वह प्रतिद्वंद्वी बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के साथ बातचीत नहीं करेगी और केवल उसके आत्मसमर्पण की शर्तों पर बात करेगी।

उसने कहा, ‘‘सैन्य तंत्र के बाहर कोई सशस्त्र बल नहीं होगा।’’

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