विशाखापत्तनम/अमरावती, 10 मई आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के निकट आर आर वेंकटपुरम और उसके आसपास के चार गांवों में रविवार को सफाई का काम शुरू किया गया। वेंकटपुरम में बृहस्पतिवार को एलजी पॉलीमर रसायन संयंत्र से स्टाइरीन गैस लीक होने से 12 लोगों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि गैस की चपेट में आकर बीमार पड़े जिन 400 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
कंपनी ने घोषणा की कि स्टाइरीन द्रव अब ठोस हो गया है, जिससे वाष्प के निकलने की संभावना नहीं बची है। जिला प्रशासन ने कहा है कि सफाई प्रक्रिया और अन्य सुरक्षात्मक कदम उठाने जाने के बाद ही गांव वासियों को वापस अपने घर जाना चाहिये।
नयी दिल्ली और अन्य जगहों से आए विशेषज्ञ, संयंत्र में स्टाइरीन के स्तर और तापमान समेत विभिन्न पहलुओं पर करीब से नजर रखे हुए हैं।
विशाखपत्तनम के जिला कलेक्टर वी विनय चंद ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि वाष्प रिसाव शून्य पर पहुंच गया है, लिहाजा अब संयंत्र में कोई खतरा नहीं है।
कलेक्टर ने पत्रकारों से कहा कि हम, लोगों को वापस गांव लौटने के लिये कहने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने अमरावती में लगे शिविर की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि एलजी संयंत्र और उसके आसपास के गांव में सब ठीक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी सुरक्षात्मक कदम उठाने के बाद ही लोगों को गांव वापस लौटने के लिये कहा जाए।
विशाखापत्तमन जिला मेडिकल एवं स्वास्थ्य अधिकारी तिरुमला राव ने कहा कि गैस से प्रभावित जिन 411 लोगों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, उनकी तबीयत में तेजी से सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि गांव में ताजा हालात और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार हम ठीक हो चुके लोगों को छुट्टी देंगे।
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