देश की खबरें | यूक्रेन से लौटे छात्र परेशान, विश्वविद्यालयों की नियमित कक्षाएं शुरू करने की तैयारी

नयी दिल्ली, 18 अगस्त यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच वहां से अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में छोड़कर घर लौटे भारतीय छात्रों के सामने अब एक नई चुनौती आ गई है- उनकी नियमित (ऑफलाइन) कक्षाएं और परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।

युद्ध प्रभावित यूक्रेन की राजधानी कीव में कुछ विश्वविद्यालयों ने छात्रों को सितंबर से नियमित कक्षाएं फिर से शुरू करने और अक्टूबर में नियमित तौर पर आयोजित होने वाली अनिवार्य परीक्षा ‘क्रोक’ के बारे में सूचित किया है।

युद्ध ग्रस्त यूक्रेन की राजधानी कीव में कुछ विश्वविद्यालयों ने छात्रों को सितंबर से नियमित कक्षाएं शुरू होने और अक्टूबर में अनिवार्य परीक्षा ‘क्रोक’ आयोजित किए जाने के बारे में सचित किया है।

यूक्रेन में मानदंडों के अनुसार, अपने अध्ययन के तीसरे वर्ष में, चिकित्सा, दंत चिकित्सा और फार्मेसी के छात्रों को क्रोक-1 के लिए उपस्थित होना होता है। अंतिम वर्ष पूरा होने के बाद, छात्रों को डॉक्टर या फार्मासिस्ट होने के लिए प्रमाणन के लिए सरकार की लाइसेंसिंग परीक्षा, क्रोक-2 के लिए बैठना पड़ता है।

छह महीने से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के दौरान अनिश्चित भविष्य को लेकर चिंतित कीव में तरास शेवचेंको नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी की 20 वर्षीय छात्रा आशना पंडित अपने विश्वविद्यालय से एक संदेश प्राप्त करके चौंक गई।

संदेश में लिखा था, “हम नियमित कक्षाओं के संचालन के लिए तैयार हैं...शुरुआत एक सिंतबर से होगी। आपकी सुरक्षा की गारंटी है।”

नोएडा निवासी आशना और उसका जुड़वां भाई अंश दोनों चौथे वर्ष के चिकित्सा छात्र हैं तथा अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि आगे क्या करें।

आशना ने ‘पीटीआई-’ को बताया, “युद्ध जब जारी है तो ऐसे समय में यूक्रेन लौटने का विचार काफी डराने वाला है। मैंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से बात की, उन्होंने कहा कि कीव में स्थिति सामान्य है, लेकिन कब तक? विश्वविद्यालय ने यह अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि जो लोग परिसर नहीं पहुंच सकते क्या उन्हें ऑनलाइन कक्षा की सुविधा मिलेगी?”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)