नयी दिल्ली, 12 दिसंबर सरकार ने मंगलवार को कहा कि 15 सितंबर से 29 अक्टूबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र में धान की पराली जलाने के मामलों में 54 प्रतिशत की कमी आई है।
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘खेतों में धान के अवशेष जलाने के कारण आग के मामलों की उपग्रह रिमोट सेंसिंग का उपयोग करके निगरानी की जाती है...।’’
मुंडा ने कहा कि यह ‘कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रोइकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस’ (क्रीम्स) की प्रयोगशाला, कृषि भौतिकी प्रभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा "सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके फसल अवशेष जलाने के मामलों के आकलन के लिए मानक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है।’’
मंत्री ने 2021, 2022 और 2023 में 15 सितंबर से 29 अक्टूबर के बीच धान की पराली जलाने के मामलों से संबंधित आंकड़ा प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा, ‘‘15 सितंबर से 29 अक्टूबर की अवधि में पंजाब, हरियाणा, एनसीआर-उत्तर प्रदेश, एनसीआर-राजस्थान और दिल्ली में पराली जलाने के कुल मामले 2021 में 11,461 और 2022 में 13,964 थे। ये इस साल समान अवधि में घटकर 6,391 रह गए।’’
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