देश की खबरें | स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को तमिलनाडु में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया, भाजपा ने साधा निशाना

चेन्नई, 23 जुलाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंसा प्रभावित मणिपुर के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए अपने राज्य में रविवार को आमंत्रित किया।

वहीं, उनके बेटे एवं राज्य के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को तमिलनाडु में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्टालिन के निमंत्रण पर कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘नींद से जाग गए हैं’ और एक ‘नेता’ के रूप में कार्य कर रहे हैं।

अन्नामलाई ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ की शुरुआत केंद्र सरकार ने की थी और उसे पता है कि ‘खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता के लिए कैसे तैयार करना है।’

स्टालिन ने एक बयान में कहा कि मणिपुर के हालात वहां के खिलाड़ियों के लिए ‘खेलो इंडिया’ और एशियाई खेलों जैसे आयोजनों के लिए प्रशिक्षण लेने के वास्ते अनुकूल नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन को तमिलनाडु में मणिपुर के खिलाड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया है।’’

उदयनिधि ने खेल विभाग की ओर से ‘उच्च गुणवत्ता वाली’ सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

तमिलनाडु ‘खेलो इंडिया गेम्स’ के 2024 संस्करण की मेजबानी करेगा।

स्टालिन ने कहा, ‘‘मणिपुर को ‘चैंपियन, खासकर महिला चैंपियन’ देने के लिए जाना जाता है और तमिलनाडु, राज्य के मौजूदा हालात को ‘गहरी चिंता और पीड़ा’ के साथ देख रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल संस्कृति प्यार और देखभाल की भावना का अनुसरण करने की है। उन्होंने ‘याथुम ऊरे, यावरुम केलिर’ कहावत का जिक्र किया, जिसका अर्थ है ‘हर जगह मेरी है और सभी लोग मेरे संबंधी हैं।’

स्टालिन ने कहा कि यह कहावत मणिपुर के खिलाड़ियों के तमिलनाडु में प्रशिक्षण के संबंध में उनके निर्देश का आधार बनी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में प्रशिक्षण के इच्छुक मणिपुर के खिलाड़ी उनकी सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या पहचानपत्र और प्रशिक्षण आवश्यकताओं सहित अन्य विवरण के साथ उसे ईमेल कर सकते हैं।

इस बीच, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अन्नमलाई ने स्टालिन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ‘‘नींद से जाग गए हैं’’ और ‘‘उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि मणिपुर में क्या हो रहा है।’’

पुत्थुकोट्टई के वेंगईवायल में दलित निवासियों को पानी उपलब्ध कराने वाली टंकी में मानव मल पाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि इस घटना को 200 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन इसके दोषियों का पता लगाने के संबंध में कोई सफलता नहीं मिली है।

उन्होंने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि जहां तक मणिपुर की बात है, तो केंद्र और राज्य सरकार इस मुद्दे का समाधान कर रही हैं और राज्य में दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस घटना को पीड़ितों के साथ ‘अन्याय’ बताते हुए अन्नामलाई ने कहा कि मणिपुर सरकार ने मामले में कार्रवाई की है और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने दोषियों के लिए मृत्युदंड सुनिश्चित करने के प्रयासों का वादा किया है।

उन्होंने कहा कि मणिपुर लंबे समय से समस्याओं का सामना कर रहा था और वहां ‘2014 के बाद से ही शांति कायम हुई’, जब भाजपा केंद्र में सत्ता में आई।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री (स्टालिन) जो कर रहे हैं, वह न केवल हास्यास्पद और अजीब है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वह एक पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ हैं। खेलो इंडिया हमने (भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने) शुरू किया, इसलिए हम जानते हैं कि प्रशिक्षण कैसे देना है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि स्टालिन अपने बेटे उदयनिधि को ‘आगे बढ़ाने’ के लिए बार-बार खेल का जिक्र कर रहे हैं, जो राज्य के खेल मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं।

अन्नामलाई ने कहा, ‘‘बेहतर होगा कि मुख्यमंत्री कावेरी मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करें और कर्नाटक से पानी का हमारा उचित हिस्सा लें।’’

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