वेल्लोर (तमिलनाडु), दो अप्रैल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव करीब आने के बाद से भाजपा कच्चातिवु द्वीप के मुद्दे पर भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में न तो मछुआरों की गिरफ्तारी पर श्रीलंका की निंदा करने की हिम्मत है और न ही चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश पर किये जा रहे उसके दावों का विरोध करने की। उन्होंने पूछा कि जब ऐसा है तो प्रधानमंत्री कच्चातिवु के बारे में कैसे बात कर सकते हैं?
सत्तारूढ़ द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने यहां एक चुनावी रैली में कच्चातिवु मुद्दे पर ‘‘नाटक’’ करने और ‘‘कहानियां गढ़ने’’ के लिए मोदी पर निशाना साधा और आरटीआई के तहत इस मामले पर केंद्र द्वारा किए गए खुलासे को ‘‘गलत जानकारी’’ करार दिया।
द्रमुक अध्यक्ष ने पूछा कि सरकार ने भाजपा से जुड़े एक व्यक्ति (भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के. अन्नामलाई) को आरटीआई के तहत देश की सुरक्षा के संबंध में ‘‘गलत जानकारी’’ कैसे दी?
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कच्चातिवु मुद्दे पर यह कहकर जवाब नहीं दिया था कि यह विषय न्यायालय में विचाराधीन है क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
स्टालिन ने कहा कि 2015 में भाजपा सरकार ने कहा था कि कच्चातिवु कभी भी भारत का हिस्सा नहीं था और यह जानकारी एस. जयशंकर ने दी थी जो तत्कालीन विदेश सचिव थे।
द्रमुक नेता ने कहा, ‘‘चूंकि, चुनाव नजदीक हैं, इसलिए उन्होंने अपनी इच्छानुसार जानकारी बदल दी है।’’
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