कोलंबो, 26 जून श्रीलंका ने चीन को एक लाख विलुप्तप्राय टोक मकाक बंदरों का निर्यात करने के फैसले पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। पर्यावरण हितैषी समूहों की ओर से इस निर्यात के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच श्रीलंका के अटॉर्नी जनरल ने सोमवार को अपीलीय अदालत को इस निर्णय से अवगत कराया।
प्राणि उद्यान से जुड़ी और पशु प्रजनन से संबंधित चीन की एक निजी कंपनी ने श्रीलंका के कृषि मंत्रालय से कुछ महीने पहले इस संबंध में अनुरोध किया था।
श्रीलंका, आरएआरई श्रीलंका, जस्टिस फॉर एनिमल और अन्य ने अपीलीय अदालत में कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा के बयान के हवाले से कहा कि टोक मकाक बंदरों को श्रीलंका से चीन को निर्यात करने की योजना बनाई जा रही थी।
याचिकाकर्ताओं ने अपीलीय न्यायालय से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कहा कि श्रीलंका से चीन को टोक मकाक बंदरों के प्रस्तावित निर्यात को रोकने के लिए आदेश जारी किया जाए।
आज जब मामला उठाया गया तो अटॉर्नी जनरल ने खुली अदालत में कहा कि उन्हें वन्यजीव और संरक्षण विभाग से जानकारी मिली है कि वे बंदरों को चीन को निर्यात करने की दिशा में आगे कार्रवाई नहीं करेंगे।
अमरवीरा का मत था कि बंदरों के निर्यात से श्रीलंकाई किसानों को अपनी फसल की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
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