विदेश की खबरें | श्रीलंका सरकार ‘ईस्टर विस्फोटों’ में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत के आरोपों की जांच करेगी: मंत्री
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कोलंबो, छह सितंबर श्रीलंका सरकार एक ब्रिटिश टेलीविजन चैनल के उन आरोपों की जांच करेगी, जिनमें 2019 के ईस्टर आत्मघाती बम विस्फोटों को राजपक्षे बंधुओं के पक्ष में राजनीतिक परिवर्तन कराने के लिए ‘रची गयी करतूत’ करार दिया गया है। सरकार के एक मंत्री ने यह बात कही।

ईस्टर के मौके पर हुए विस्फोटों में करीब 270 लोग मारे गये थे।

ब्रिटेन के चैनल 4 टेलीविजन स्टेशन ने मंगलवार को एक वृत्तचित्र ‘श्रीलंकाज ईस्टर बांबिंग्स-डिस्पैचिस’ प्रसारत किया जिसमें 2019 के आत्मघाती विस्फोटों को लेकर गंभीर आरोप लगाये गये। समाचार पोर्टल ‘द मॉर्निंग डॉट एलके’ ने यह खबर जारी की।

इसमें आरोप लगाया गया है कि आतंकवादी हमलों की साजिश रचने में कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत रही। इसमें हमलों को राजपक्षे बंधुओं के पक्ष में राजनीतिक बदलाव कराने के मकसद से ‘रची गयी करतूत’ करार दिया गया।

गोटबाया राजपक्षे ने हमलों के तीन दिन बाद राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी और सात महीने बाद उन्हें राष्ट्रपति चुना गया। उनके बड़े भाई महिंदा राजपक्षे भी देश के पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री थे। दोनों राजपक्षे बंधुओं को श्रीलंका में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के बीच पिछले साल इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा था।

श्रम मंत्री मनुषा नानयक्करा ने मंगलवार को संसद को बताया कि मंत्रिमंडल ने ब्रिटेन के ‘चैनल 4’ के कार्यक्रम में लगाये गये आरोपों की जांच के लिए एक विशेष संसदीय स्थाई समिति नियुक्त करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच भी की जाएगी क्योंकि इन आरोपों की पड़ताल के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की जरूरत देखी गयी है।’’

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