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स्पूतनिक लाइट टीके का भंडार नहीं बिका, स्टेलिस बायोफार्मा ने खरीद के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच कोविड-19 रोधी टीके स्पूतनिक लाइट के विशाल भंडार को बेचने में असमर्थ बेंगलुरू स्थित स्टेलिस बायोफार्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है. स्टेलिस बायोफार्मा ने मोदी को पत्र लिखकर यहां के नागरिकों को टीका लगाने के लिए स्पूतनिक लाइट टीके की खुराक खरीदने या ‘वैक्सीन मैत्री’ कार्यक्रम के तहत अन्य देशों को इसकी आपूर्ति करने का अनुरोध किया है.

स्पूतनिक लाइट टीके का भंडार नहीं बिका, स्टेलिस बायोफार्मा ने खरीद के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया
स्पूतनिक (Photo Credit : PTI)

नयी दिल्ली, 14 मई : रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच कोविड-19 रोधी टीके स्पूतनिक लाइट के विशाल भंडार को बेचने में असमर्थ बेंगलुरू स्थित स्टेलिस बायोफार्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है. स्टेलिस बायोफार्मा ने मोदी को पत्र लिखकर यहां के नागरिकों को टीका लगाने के लिए स्पूतनिक लाइट टीके की खुराक खरीदने या ‘वैक्सीन मैत्री’ कार्यक्रम के तहत अन्य देशों को इसकी आपूर्ति करने का अनुरोध किया है. स्ट्राइड्स फार्मा साइंस की बायोफार्मास्युटिकल शाखा, स्टेलिस बायोफार्मा ने कहा कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कई बाधाओं के कारण, स्वयं निर्मित एकल-खुराक वाले टीके की 2.5 करोड़ यूनिट नहीं बेच सकी है. भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने इस साल फरवरी में कुछ नियामक प्रावधानों के अधीन स्पूतनिक लाइट के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी थी. हालांकि, वर्तमान में इसे देश में नहीं दिया जा रहा है.

13 मई को लिखे गए पत्र में स्टेलिस बायोफार्मा लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महामारी से निपटने के लिए उद्योग से अनुरोध करने के बाद कंपनी ने एक अत्याधुनिक टीका निर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया और कोविड-19 प्रेरित प्रतिबंधों के बावजूद छह महीने के भीतर निर्माण केंद्र की स्थापना कर तुरंत स्पूतनिक लाइट का उत्पादन शुरू कर दिया. कंपनी को टीके के उत्पादन और निर्यात के लिए सरकार की मंजूरी भी मिली. कुमार ने कहा, ‘‘हमें यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि भारत सरकार द्वारा उचित मंजूरी मिलने के बाद, हमने भारत में स्पूतनिक लाइट बनाना शुरू किया और 2.5 करोड़ से कम खुराक का उत्पादन नहीं किया. हालांकि, रूस से संबंधित कई बाधाओं के कारण ये टीके वर्तमान में हमारे पास ही पड़े हें जिनकी बिक्री नहीं हो सकी है.’’ यह भी पढ़ें : Biplab Kumar Deb Resigns: त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने दिया इस्तीफा, नए नेता का चुनाव जल्द

कुमार ने अनुरोध किया कि सरकार को उपलब्ध खुराक खरीदना चाहिए, अन्यथा ये बर्बाद हो जाएंगे और कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान होगा. उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि हमारे आसानी से उपलब्ध टीके को खरीदें और इससे देशवासियों का टीकाकरण करें या इसे भारत सहायता/कोविड मैत्री कार्यक्रम के तहत अन्य देशों को दान करें.’’ स्पूतनिक लाइट एक खुराक वाला टीका है और स्पूतनिक वी के घटक-1 के समान है. मार्च 2021 में स्टेलिस ने टीका उत्पादन और आपूर्ति के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ), रूस के संप्रभु धन कोष के साथ भागीदारी की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2022 04:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).