नयी दिल्ली, तीन अगस्त संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही लोकसभा में मणिपुर मुद्दे पर लगातार हो रहे हंगामे और कामकाज बाधित होने से अप्रसन्न लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को सदन की कार्यवाही का संचालन किया।
इससे पहले सदन में अवरोध पर अप्रसन्नता जताते हुए उन्होंने बुधवार को सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं किया और बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल में भी आसन पर नहीं दिखे।
इसके बाद दोपहर में ‘दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक’ को चर्चा और पारित करने के लिए रखे जाते समय वह सदन की कार्यवाही का संचालन करने पहुंचे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब विधेयक को सदन में चर्चा और पारित करने के लिए रख रहे थे, तब अध्यक्ष बिरला आसन पर थे।
इससे पहले आज सुबह लोकसभा की बैठक शुरू होने पर सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल से कहा कि सदस्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आसन पर देखना चाहते हैं।
चौधरी ने कहा, ‘‘अध्यक्ष महोदय हमारे संरक्षक हैं। हम अपनी बात उनके समक्ष रख सकते हैं। हम उन्हें पीठ पर देखना चाहते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ सर, कृपया लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह करें कि वह आसन पर लौटें। जो भी मतभेद हैं, उन्हें हम सुलझा लेंगे।’’
इस पर अग्रवाल ने कहा कि उनकी बात लोकसभा अध्यक्ष तक पहुंचा दी जाएगी।
मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर चौधरी के साथ कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन, तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत राय, राकांपा नेता सुप्रिया सुले, द्रमुक सांसद कनिमोई के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा अध्यक्ष से उनके कक्ष में भेंट की और सदन की मर्यादा को बनाये रखने में सहयोग का भरोसा दिलाया।
समझा जाता है कि मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही लोकसभा में मणिपुर के मुद्दे पर लगातार हो रहे हंगामे और कामकाज बाधित होने से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अप्रसन्न थे।
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