औरंगाबाद, एक मई आगामी खरीफ मौसम में मराठवाड़ा में करीब 24.86 लाख हेक्टेयर जमीन सोयाबीन की खेती के दायरे में आएगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, मराठवाड़ा में 24.86 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती की जा सकती है, जो कि क्षेत्र में कुल खेती की जमीन का 49 प्रतिशत है।
यह अनुमान अधिकारियों द्वारा हाल ही में औरंगाबाद में राज्य के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार की अध्यक्षता में आगामी खरीफ मौसम की समीक्षा बैठक के दौरान पेश किया गया था।
उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ मौसम में मराठवाड़ा में कपास, सोयाबीन, अरहर दाल और मक्के की खेती को प्राथमिकता दी जा सकती है।
आंकड़ों में कहा गया है कि सोयाबीन की खेती के तहत प्रस्तावित क्षेत्र 24.86 लाख हेक्टेयर है, इसके बाद कपास (13.91 लाख हेक्टेयर), अरहर की दाल (4.44 लाख हेक्टेयर) और मकई (2.31 लाख हेक्टेयर) का स्थान है।
इसमें कहा गया है कि महाबीज कंपनी 67,000 क्विंटल बीज प्रदान करेगी, जबकि निजी कंपनियां 4.50 लाख क्विंटल बीज प्रदान करेंगी और किसानों के पास जरूरत को पूरा करने के लिए 24 लाख क्विंटल बीज है।
इसमें कहा गया है कि राज्य ने 7.17 लाख टन उर्वरक उपलब्ध कराया है और आवश्यकता को पूरा करने के लिए इसके पास बफर स्टॉक भी है।
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