कोलकाता, 15 नवंबर दो साल तक भाजपा में रहने के बाद पार्टी का दामन छोड़ने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व नेता सोवन चटर्जी बुधवार को ‘भाई फोंटा’ के मौके पर यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पहुंचे।
टीएमसी नेतृत्व के साथ मतभेद के बाद 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले चटर्जी अपनी करीबी दोस्त बैसाखी बंदोपाध्याय के साथ शहर के कालीघाट इलाके में मुख्यमंत्री के आवास पर गए।
सोवन चटर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद के बाद भाजपा का छोड़ दी थी।
तब से कोलकाता के पूर्व महापौर तृणमूल कांग्रेस के करीब आने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले साल मुख्यमंत्री से मिलने के लिए राज्य सचिवालय नबन्ना भी गए थे।
चार बार के विधायक ने मुख्यमंत्री के घर के बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों से बात नहीं की।
‘भाई फोंटा’ या ‘भाई दूज’ भाइयों और बहनों के बीच स्नेह के प्रतीक का त्योहार है।
टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, चटर्जी पार्टी नेतृत्व को संदेश भेज रहे हैं और अपनी पूर्व पार्टी में लौटना चाहते हैं।
इससे पहले 2019 में भी भाजपा में शामिल होने के ठीक दो महीने बाद, वह ‘भाई फोंटा’ के लिए बनर्जी के आवास पर पहुंचे थे।
ऐसा माना जाता है कि बनर्जी ने चटर्जी के राजनीतिक करियर को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसकी शुरुआत उनकी तरह टीएमसी के शीर्ष पर पहुंचने से पहले युवा कांग्रेस में हुई थी।
निजी जीवन में समस्याओं के बाद नवंबर 2018 में बनर्जी ने चटर्जी को मंत्री और कोलकाता के महापौर दोनों पदों से इस्तीफा देने के लिए कहा था।
चटर्जी के अलावा, टीएमसी के कई शीर्ष नेता और मंत्री ‘भाई फोंटा’ के अवसर पर बनर्जी के कालीघाट आवास पर पहुंचे।
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