इंदौर, 11 दिसंबर मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सौर पैनल से बिजली उत्पादन से जुड़े स्थानों की तादाद बढ़कर 10,000 के पार पहुंच गई है। इन स्थानों पर स्थापित संयंत्रों से हर महीने औसतन करीब साढ़े चार करोड़ रुपये मूल्य की बिजली का उत्पादन हो रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिमी मध्यप्रदेश के 15 जिलों के 10,650 स्थानों पर "रूफटॉप सोलर नेट मीटर योजना" के तहत सौर पैनल लगाकर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन स्थानों में नागरिकों के घरों के अलावा, अस्पताल, सरकारी कार्यालय और अन्य परिसर शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिमी मध्यप्रदेश में सौर बिजली बनाने के मामले में इंदौर अव्वल है जहां सर्वाधिक 6,300 स्थानों पर इस तरह हरित ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार इंदौर को ‘‘सोलर सिटी’’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। प्रवक्ता के मुताबिक उज्जैन जिले में 1310, रतलाम जिले में 450, खरगोन जिले में 360, नीमच जिले में 280, देवास जिले में 260 और मंदसौर जिले में 205 स्थानों पर सूरज की किरणों से बिजली का उत्पादन हो रहा है।
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