देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश में खेतों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए लगाई जा रही सौर बाड़
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

धर्मशाला, 19 सितंबर हिमाचल प्रदेश सरकार ने फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों में बाड़ लगाने की एक योजना शुरू की है, जिसमें सौर ऊर्जा से संचालित बाड़ भी शामिल है।

गौरतलब है कि जंगली जानवरों से तंग आकर बहुत से किसानों ने खेती करना छोड़ दिया था।

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मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना (एमएमकेएसवाई) के तहत शुरू की गई योजना का मुख्य आकर्षण ‘सोलर बाड़’ है।

योजना के तहत कंटीले तार और चेन की बाड़ लगाने पर 50 प्रतिशत, समग्र बाड़ लगाने पर 70 प्रतिशत और सौर बाड़ पर 85 प्रतिशत की छूट मिलने का प्रावधान है।

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कांगड़ा के जिलाधिकारी राकेश प्रजापति ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा, “2019-20 में शुरू की गई योजना के तहत जिले में 784 किसानों की जमीन पर 1,26,843 मीटर सोलर बाड़ लगाने के लिए 10.31 करोड़ रुपये खर्च किए गए।”

राज्य के उत्तरी क्षेत्र के संयुक्त निदेशक (कृषि) नरेंद्र धीमान ने बताया, “सोलर बाड़ में सौर ऊर्जा से संचालित बाड़ होती है।”

उन्होंने कहा, “बाड़ लगाने की इस आधुनिक और नवीन तकनीक के जरिये, सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली तार में प्रवाहित होती है, जिससे जानवर को तगड़ा झटका लगता है लेकिन वह मरता नहीं।”

इस योजना को किसानों की खूब सराहना मिल रही है।

गग्गल हवाई अड्डे के पास कुठमा में रहने वाले पंचायत प्रधान राजेंद्र कुमार ने कहा, “सूअर, बंदर जैसे जंगली जानवरों के हमलों से तंग आकर मैंने लगभग दस साल पहले खेती करना छोड़ दिया था और मेरी जमीन बंजर हो गई थी। लेकिन जब मैंने एमएमकेएसवाई के बारे में सुना तो मैंने इसका लाभ लेने का फैसला लिया।”

उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग दस कनाल भूमि के 320 वर्ग मीटर क्षेत्र में सोलर बाड़ लगाने का निर्णय लिया।

कुमार ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा, “बाड़ लगाने की कुल लागत 3,58,543 रुपये थी जिसमें से मैंने 1,07,562 रुपये दिए और मुझे कृषि विभाग से 2,50,980 रुपये की सब्सिडी मिली।”

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