जयपुर, चार अगस्त राजस्थान पुलिस के विशेष कार्यबल (एसओजी) ने राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए विधायकों की कथित खरीद फरोख्त के प्रयास का मामला मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को स्थानांतरित कर दिया।
एसओजी के अनुसार अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (राजद्रोह) की श्रेणी में नहीं आता इसलिये इसे एसीबी को स्थानांतरित किया गया है।
एसओजी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार 10 जुलाई को दर्ज अभियोग के संदर्भ में विधिक राय ली गयी। विधिक राय के अनुसार यह मामला भादंसं की धारा 124 ए के तहत अपराध का नहीं है। प्रथम दृष्टया यह अपराध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के अधीन आता है इसलिए सभी दस्तावेज आगे की कार्रवाई के लिए एसीबी को भेज दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि एसओजी ने 10 जुलाई को पहली प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए और 120 बी के तहत पंजीकृत की थी। इस संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद 17 जुलाई को सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी की शिकायत पर दो और प्राथमिकी इसी तरह की धाराओं में दर्ज की गई। 17 जुलाई को कथित तौर पर मध्यस्थता करने वाले संजय जैन को गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश करने बाद जैन को पुलिस रिमांड में लिया गया।
यह मामला उस कथित आडियो टेप से जुड़ा है जिसमें संजय जैन को कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और गजेन्द्र सिंह से बातचीत करते हुए सुना जा सकता है। कांग्रेस का दावा है कि ओडियो टेप में जिन गजेन्द्र सिंह की आवाज है, वह केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ही हैं।
कांग्रेस का दावा है कि बिचौलिए के रूप में काम कर रहे जैन भाजपा नेता हैं जबकि भाजपा ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जैन का भाजपा से कोई नाता नहीं है।
कुंज पृथ्वी
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