जयपुर, चार अगस्त राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि राज्य के हर जरूरतमंद को सामाजिक सुरक्षा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सामाजिक न्याय व अधिकारिता तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी उप योजना (टीएसपी) क्षेत्र से बाहर पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, पाली, जोधपुर आदि जिलों में बिखरे रूप में रह रहे भील समुदाय के परिवारों को मुख्य धारा में लाने के लिए कार्ययोजना बनाएगी ताकि उनकी शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने इसके लिए एक समिति गठित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर संभाग में आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए जोधपुर में हॉस्टल व कोचिंग इंस्टीट्यूट खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
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मुख्यमंत्री ने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 15 अगस्त से शुरू होने वाले नशा मुक्ति अभियान को व्यापक रूप से चलाया जाए। इसमें स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
बैठक को सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव, जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया ने भी संबोधित किया।
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