अगरतला, 19 जून त्रिपुरा में भारी बारिश नहीं होने से रविवार को बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधारा देखा गया, लेकिन इस दौरान उफनती कटखल नदी में एक व्यक्ति के बह जाने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अगरतला नगर निगम और उसके आसपास के निचले इलाकों में शनिवार को हावड़ा नदी का जलस्तर 10.80 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया था, जो अब चेतावनी सीमा (9.02 मीटर) से नीचे बह रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के एक अधिकारी ने कहा कि इस बीच सदर उप-मंडल के मयलाखोला निवासी सिराज मिया के कथित तौर पर उफनती कटखल नदी में बह जाने की सूचना है, जो हावड़ा की सहायक नदी है।
अधिकारी ने बताया कि सिराज का अभी कोई पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि तीन जिलों पश्चिम त्रिपुरा, उनाकोटी और उत्तरी त्रिपुरा में शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ के कारण करीब 12,000 लोग बेघर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 45 राहत शिविर बनाए गए हैं।
एसडीएमए अधिकारी ने कहा कि अकेले सदर अनुमंडल में ही 11,000 से अधिक लोगों को 42 शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सुबह से कोई ताजा भारी बारिश नहीं हुई है और अगले 24 घंटों के दौरान मौसम विभाग द्वारा बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें सदर उपमंडल में बचाव अभियान में लगी हुई हैं, जबकि सेना, असम राइफल्स और सीआरपीएफ के जवानों को अलर्ट पर रखा गया है।’’
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
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