देश की खबरें | लड्डू मुद्दे पर एसआईटी जांच अपर्याप्त, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच हो: वाईएसआरसीपी नेता

नायडू ने रविवार को पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी के कथित मिलावट की जांच के लिए महानिरीक्षक (आईजी) रैंक या उच्च कैडर के अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी जांच का आदेश दिया था।

रामबाबू ने पत्रकार वार्ता में कहा, ‘‘डीआईजी (आईजी) के माध्यम से जांच का आदेश देने का मुख्यमंत्री का फैसला हास्यास्पद और अपर्याप्त है... एसआईटी जांच अपर्याप्त है, इस मुद्दे की जांच उच्चतम न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के तहत की जानी चाहिए।’’

इससे पहले पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता पी. सुधाकर रेड्डी ने हाल ही में लड्डू विवाद को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

पी. सुधाकर रेड्डी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष वाई. वी. सुब्बा रेड्डी के अधिवक्ता हैं।

सुब्बा रेड्डी ने इस मुद्दे के लिए उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच, या न्यायालय द्वारा समिति का गठन करने या फिर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच इन तीन विकल्पों में से किसी एक की मांग की है।

रामबाबू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निराधार आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नायडू के माता-पिता का निधन हुआ तो उन्होंने बुनियादी हिंदू रीति-रिवाजों का पालन नहीं किया।

कथित लड्डू अपवित्रता को लेकर भगवान वेंकटेश्वर को प्रसन्न करने के लिए उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की 11 दिनों की तपस्या के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए रामबाबू ने जनसेना के संस्थापक से पूछा कि जब तेदेपा शासन के दौरान कथित तौर पर मंदिरों को ध्वस्त किया गया था, तब कोई हंगामा क्यों नहीं हुआ था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)