चंडीगढ़, पांच जून पंजाब सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान शराब की अवैध बिक्री और तस्करी की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि तीन सदस्यीय एसआईटी का नेतृत्व जल संसाधन मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया करेंगे और यह विशेष जांच दल इस रैकेट की पूरी जांच करेगा।
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सिंह ने यहां मीडिया के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘‘हम प्रत्येक डिस्टिलरी की जांच करेंगे और हम यह देखेंगे कि उनके भण्डार की क्या स्थिति थी। हमें सब कुछ पता चल जाएगा।"
उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध बिक्री और अन्य राज्यों से शराब की तस्करी ‘‘कुछ अंदरूनी लोगों’’ की संलिप्तता के बिना संभव नहीं।
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उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सहित सभी तथ्यों का पता लगाने के लिए एसआईटी द्वारा पूरी जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सरगना सहित उन सभी की पहचान की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार पर विपक्ष लॉकडाउन अवधि के दौरान शराब की कथित तस्करी और शराब की अवैध बिक्री के लिए निशाना साध रहा है।
शिरोमणि अकाली दल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं और विधायकों के साथ मिलीभगत करके शराब माफिया ने राज्य के खजाने को 5,600 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
कथित बीज घोटाले में सरकारी मशीनरी की संभावित संलिप्तता पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के एक अधिकारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने परीक्षण के आधार पर पीआर 128 और 129 किस्म का करीब 3000 क्विंटल धान बीज तैयार किया था जबकि बेईमान डीलरों द्वारा 30,000 क्विंटल बीज खुले बाजार में किसानों को बेचा गया।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि किसानों को बेचे गए इन नई किस्म के बीजों में मिलावट की गई और एसआईटी घोटाले की तह तक जाएगी।
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