बेंगलुरु, 21 मई कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को बानू मुश्ताक को उनके कन्नड़़ लघु कथा संग्रह के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने पर बधाई दी और कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कन्नड़़ की महानता का झंडा बुलंद किया है।
मुख्यमंत्री ने उनकी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कन्नड़़ की महानता का झंडा बुलंद किया है।
लेखिका, कार्यकर्ता और वकील मुश्ताक का लघु कथा संग्रह ‘हृदय दीप’ (हार्ट लैंप) मंगलवार रात लंदन में प्रतिष्ठित 50,000 पाउंड का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाला पहला कन्नड़़ लघु कथा संग्रह बन गया।
मुश्ताक ने टेट मॉडर्न में एक समारोह में पुस्तक की अनुवादक दीपा भास्ती के साथ यह पुरस्कार ग्रहण किया। भास्ती ने इस कथा संग्रह का कन्नड़़ से अंग्रेजी में अनुवाद किया है।
सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘साहित्य के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली गौरवशाली कन्नड़़ लेखिका बानू मुश्ताक को हार्दिक बधाई। यह कन्नड़, कन्नड़ भाषियों और कर्नाटक के जश्न मनाने का समय है।’’
उन्होंने कहा कि इस भूमि के सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे के सच्चे मूल्यों को मूर्त रूप देते हुए लिखने वाली बानू मुश्ताक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कन्नड़ की महानता का झंडा बुलंद किया है और हम सभी को सम्मान दिलाया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं कामना करता हूं कि वह कई और वर्षों तक सार्थक लेखन करती रहें और कन्नड़ को दुनिया तक पहुंचाएं।’’
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