बेंगलुरु, 28 जून कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि वह ‘स्टील फ्लाईओवर’ परियोजना पर आगे बढ़ने से किसी भी कारण नहीं ‘डरेंगे’, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इसके खिलाफ आलोचना और हंगामे के ‘डर’ से इससे पीछे हट गए थे।
शिवकुमार बेंगलुरु विकास मंत्री भी हैं। उन्होंने ‘विधानसौध’ में केम्पेगौड़ा जयंती समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में यह टिप्पणी की और कहा कि विभिन्न हितधारकों ने उनसे शहर में सुरंगों और फ्लाईओवर के निर्माण पर विचार करने के लिए कहा है।
शिवकुमार ने मंगलवार को कहा, “पिछली सिद्धरमैया सरकार में स्टील पुल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया था। काफी हंगामा और आलोचना हुई, तथा रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गए। सिद्धरमैया इससे (आलोचना और हंगामे से) डर गए। उन्होंने और जॉर्ज (तत्कालीन, बेंगलुरु शहर विकास मंत्री के.जे. जॉर्ज) ने इस पर आगे बढ़ने से मना कर दिया।”
उन्होंने कहा, “अगर मैं होता, तो किसी भी कारण से नहीं डरता...अब भी मैं कुछ फैसले लूंगा।” उन्होंने कहा कि वह आगे बढ़ेंगे और जो लोग विरोध-प्रदर्शन करना चाहते हैं, कर सकते हैं।
शिवकुमार 1,761 करोड़ रुपये की लागत से बसवेश्वर चौराहे से ‘हेब्बल जंक्शन’ तक 6.7 किलोमीटर लंबा स्टील फ्लाईओवर बनाने के पिछले प्रस्ताव का संदर्भ दे रहे थे। इससे हवाई अड्डे तक आवागमन बेहतर हो जाता और यातायात अवरूद्ध होने से भी निजात मिल जाता।
बताया जाता है कि अगर स्टील फ्लाईओवर बनाया जाता, तो कम से कम 800 पेड़ काटे जाते।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर कटाक्ष करते हुए भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया, “मूल रूप से, डी के शिवकुमार कह रहे हैं कि सिद्धरमैया एक प्रशासक या मुख्यमंत्री के रूप में अच्छे नहीं हैं। अभी कुछ महीने भी नहीं हुए हैं और दोनों गुटों के बीच कलह ने कर्नाटक सरकार को पंगु बना देने का खतरा पैदा कर दिया है। पांच गारंटी भी लागू नहीं की गई है।”
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