नयी दिल्ली, आठ अप्रैल छह बार के एशियाई चैम्पियनशिप पदकधारी शिवा थापा 30 अप्रैल से 14 मई तक उज्बेकिस्तान के ताशकंद में होने वाली आगामी पुरुष विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के लिए भारतीय टीम की अगुआई करेंगे जबकि पिछले चरण के रजत पदक विजेता अमित पंघाल इसमें हिस्सा नहीं ले पायेंगे।
शिवा ने दोहा में 2015 में विश्व चैम्पियनशिप का कांस्य पदक जीता था, वह एक और पदक अपने नाम करना चाहेंगे। वह 63.5 किग्रा वजन वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
राष्ट्रमंडल खेलों के मौजूदा चैम्पियन पंघाल भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की नयी चयन नीति के अंतर्गत 51 किग्रा फ्लाईवेट वर्ग में 2019 एशियाई चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता दीपक भोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहे।
तीन हफ्ते तक चली चयन प्रक्रिया में पंघाल ने 682 और हाल में सबसे ज्यादा सुधार करने वाले मुक्केबाजों में से एक दीपक ने 731 अंक जुटाये।
पंघाल 2019 में विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले देश के पहले मुक्केबाज बने थे।
दीपक ने 2021 में स्ट्रेंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट में 2016 रियो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और 2019 विश्व चैम्पियन उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन जोइरोव को हराकर वैश्विक मंच पर सुर्खियां बटोरी थीं।
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पुरुष टीम काफी कड़ी मेहनत कर रही है और मैं उन्हें शुभकामनायें देता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि हर कोई देश को गौरवान्वित करेगा। ’’
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