जम्मू, 17 जून शिवसेना (यूबीटी) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने की मांग को लेकर शनिवार को राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष मनीष साहनी ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
मनीष साहनी ने कहा कि जून 2018 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गठबंधन सरकार के पतन के लगभग पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन पूर्ण राज्य का दर्जा और विधानसभा चुनाव कराने के वादे अभी भी अधूरे हैं।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 23 जून को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आ रहे हैं और अगर जल्द ही राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा नहीं किया गया तो हम काली पट्टी बांधकर उनकी इस यात्रा का विरोध करेंगे।’’
प्रदर्शनकारियों में करणी सेना और सैनिक समाज पार्टी से जुड़े लोग भी शामिल थे।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख रविंदर रैना ने मंगलवार को कहा था कि 23 जून को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर अमित शाह जम्मू में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
मनीष साहनी ने केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव में देरी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर पिछले पांच वर्षों से राज्यपालों और उपराज्यपालों के शासन का गवाह है, जो 'अलोकतांत्रिक' है।
उन्होंने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों की बहाली की मांग करने को मजबूर हैं। ’’
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