देश की खबरें | शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (एसपी) ने ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर भाजपा पर कटाक्ष किया

मुंबई, 13 जुलाई शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने के फैसले की शनिवार को आलोचना की। 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा की गई थी।

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि 50 साल पहले आपातकाल लागू हुआ था, लेकिन भाजपा भविष्य पर ध्यान देने के बजाय अतीत को ही देखती रहती है।

राकांपा (एसपी) ने कहा कि अगर भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 400 सीटें जीती होतीं, तो वह ‘संविधान बदली दिवस’ की घोषणा करती।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि यह दिन उन लोगों के ‘‘व्यापक योगदान’’ को याद करने के लिए मनाया जाएगा, जिन्होंने उस अवधि की अमानवीय तकलीफों को सहन किया।

राउत ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए कहा कि आपातकाल को 50 साल बीत गए हैं, लेकिन भाजपा अभी भी अतीत की ओर देख रही है, जबकि उसे भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि आज स्थिति ऐसी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल आपातकाल जैसा है।

राउत ने आरोप लगाया, ‘‘किसी को भी उठाकर जेल में डाल दिया जाता है। अदालतों पर दबाव है, आप (सरकार) केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, आप अपने विरोधियों को जेल में डाल रहे हैं, भ्रष्टाचार और अराजकता बढ़ रही है। चीन ने घुसपैठ की है। उस समय भी यही स्थिति थी। इंदिरा जी ने बहुत खतरनाक स्थिति में काम किया।’’

भाजपा पर हमला करते हुए शरद पवार नीत राकांपा (एस) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यदि वे (लोकसभा चुनाव में) 400 सीट पार कर जाते, तो संभवतः उन्होंने ‘संविधान बदली दिवस’ घोषित कर दिया होता। क्योंकि वे अपनी योजनाओं में विफल रहे, वे अब ‘संविधान हत्या दिवस’ घोषित कर रहे हैं।’’

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