शिवसेना ने NCP अध्यक्ष शरद पवार के तूफान प्रभावित कोंकण के दौरे का किया बचाव, BJP पर साधा निशाना
शिवसेना ने तूफान निसर्ग से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के कोंकण क्षेत्र के दौरे का बचाव करते हुए बीजेपी पर दौरे की आलोचना के लिए निशाना साधा. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा गया है कि पवार हमेशा जागे रहते हैं. महाराष्ट्र में मौजूदा विधानसभा के समाप्त होने से पहले चुनाव होने की कोई संभावना नहीं है. स्पष्ट है कि बीजेपी नहीं जीतेगी.
मुंबई, 11 जून: शिवसेना ने तूफान निसर्ग से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के कोंकण क्षेत्र के दौरे का बचाव करते हुए बृहस्पतिवार को बीजेपी पर दौरे की आलोचना के लिए निशाना साधा. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा गया है कि पवार हमेशा जागे रहते हैं और इसलिए उनकी राजनीतिक समय-गणना हमेशा सही होती है. उसने कहा कि जब महाराष्ट्र कोविड-19 (Covid-19) और निसर्ग तूफान से जूझ रहा है, ऐसे में बीजेपी की सियासत करने की कोशिश ‘घृणित’ है.
शिवसेना ने कहा कि केंद्र सरकार ने चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य को कोई मदद क्यों नहीं दी. पवार की राकांपा महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी में शामिल है. पवार ने पिछले दो दिन में रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र के अन्य हिस्सों का दौरा कर पिछले सप्ताह आए तूफान निसर्ग से हुए नुकसान का जायजा लिया था.
महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने उनके दौरे पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि पवार अब क्यों जागे हैं? शिवसेना ने जवाब में कहा, "लेकिन पवार हमेशा जागे रहते हैं, इसलिए उनकी राजनीतिक समय-गणना हमेशा सही होती है. छह महीने पहले बीजेपी नेता आधी रात में जागे थे और सुबह-सुबह शपथ ग्रहण हो गया था. लेकिन पवार ने दो दिन में शह-मात दे दी."
पार्टी पिछले साल राज्य विधानसभा चुनावों के बाद राज भवन में आयोजित शपथ-ग्रहण समारोह का जिक्र कर रही थी, जहां बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गयी थी. शिवसेना ने चुटकी लेते हुए कहा, "उस घटना के बाद बीजेपी नेता पूरी तरह जागे हुए हैं और अब भी सत्ता में आने का इंतजार कर रहे हैं. जब महाराष्ट्र कोविड-19 के संकट और तूफान निसर्ग से जूझ रहा है, ऐसे में राजनीति करने की बीजेपी की कोशिश घृणित हैं."
पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा जागी रहती है.
उसने लिखा कि पवार के जागने से बड़ा सवाल इस बात का है कि क्या केंद्र सरकार राज्य के सामने मौजूद संकट को लेकर जगी हुई है? शिवसेना के मुताबिक, "अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल जाकर तूफान अम्फान से हुए नुकसान का आकलन किया.
तूफान निसर्ग से कोंकण तट भी तबाह हो गया. केंद्र ने महाराष्ट्र में आना जरूरी नहीं समझा? क्या चंद्रकांत पाटिल ने केंद्र सरकार को जगाया?" उसने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आने वाले हैं, इसलिए केंद्र हस्तक्षेप कर रहा है. शिवसेना ने लिखा, "महाराष्ट्र में मौजूदा विधानसभा के समाप्त होने (2024 में) से पहले चुनाव होने की कोई संभावना नहीं है. स्पष्ट है कि बीजेपी नहीं जीतेगी."
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2020 11:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

