कोलकाता, 26 फरवरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपी पार्टी नेता शाहजहां शेख को सात दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घोष ने साथ ही इस बात पर जोर भी दिया कि पार्टी अपराधियों का समर्थन नहीं करती है।
टीएमसी नेता का यह बयान कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के तुरंत बाद आया कि शाहजहां की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है।
घोष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के बारे में अभिषेक बनर्जी की बात सही है। मामला अदालत के कानूनी पचड़े में फंसा हुआ था। विपक्ष इस मौके का फायदा उठाकर राजनीति कर रहा था। मामले को स्पष्ट करने और पुलिस को कार्रवाई की आज इजाजत देने के लिए उच्च न्यायालय को धन्यवाद। शाहजहां को सात दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को दावा किया था कि कानूनी उलझनों और पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर रोक के कारण शाहजहां को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
बाद में घोष ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर अदालत के आदेश का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘कानूनी उलझन के कारण, राज्य पुलिस शाहजहां को गिरफ्तार करने में असमर्थ थी। अब अदालत ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया है, शाहजहां को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हम उच्च न्यायालय को धन्यवाद देते हैं। हम शुरू से ही यह कहते रहे हैं। वह ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) था जिसने हमारे द्वारा दर्ज मामले को रोक दिया।’’
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि ये आरोप "निराधार" हैं कि टीएमसी शाहजहां को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अगर पश्चिम बंगाल पुलिस सारदा समूह के अध्यक्ष सुदीप्त सेन को कश्मीर से पकड़ सकती है, तो वे निश्चित रूप से शाहजहां को गिरफ्तार कर सकते हैं। हमने भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इसलिए, शाहजहां शेख की गिरफ्तारी में पार्टी की ओर से कोई बाधा नहीं है या प्रशासन की ओर से कोई रोक नहीं है।’’
सारदा समूह के चेयरमैन सुदीप्त सेन पर पोंजी घोटाले का आरोप था।
उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्देश दिया कि शाहजहां, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, राज्य के गृह सचिव को महिलाओं के यौन उत्पीड़न और आदिवासियों की जमीन हड़पने के आरोपों पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू किये गए मामले में पक्षकार बनाया जाए।
घोष ने भाजपा पर संदेशखालि का माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा प्रतिनिधिमंडल के घटनास्थल पर जाने से कोई नुकसान नहीं है। लेकिन हर दिन ये नेता इलाके का दौरा कर रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर, सुंदरबन की सीमा पर स्थित नदी तटीय संदेशखालि क्षेत्र में फरार शाहजहां और उसके समर्थकों के खिलाफ एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन किये जा रहे हैं।
गत पांच जनवरी को संदेशखालि में शेख के आवास पर छापेमारी के लिए गई ईडी टीम पर भीड़ द्वारा हमला किया गया था। शेख तब से फरार है। शाहजहां और उसके समर्थकों के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने और यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संदेशखालि में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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